कभी-कभी शब्द भीतर की भावनाओं को व्यक्त करने में असमर्थ हो जाते हैं।
कभी-कभी नहीं... ज्यादातर समय।
क्योंकि यह जादू - और यह जादुई है - इस जीवन का होना, इस अस्तित्व का होना। और इस अस्तित्व में एक अवसर मिलना - एक खिड़की, एक द्वार, एक मौका - उस द्वार को खोज निकालने का...
और फिर, ऐसा कोई व्यक्ति जो उस द्वार को खोल दे, और सपनों, भावनाओं, उम्र भर के इंतजार को साकार कर दे। ऐसा कुछ जिसे मैं समझ सकूं, महसूस कर सकूं, ऐसा कुछ जिससे मैं अपने जीवन को पूर्ण कर सकूं। और केवल कोई विचार नहीं, केवल कोई ख्याल नहीं बल्कि कोई वास्तविक और सरल चीज।
हमारे लिए, यदि हम समझ सकें कि वह अवसर क्या है, यदि हम समझ सकें कि उसका अर्थ क्या है। और सम्मान के साथ निकट पहुंचें- स्वतंत्रता के साथ, मुक्त होने की उस इच्छा के साथ।
शायद इस जीवन में अपने आपको उत्पीड़ित होने देना आसान है। बहुत को उत्पीड़ित ही नहीं बल्कि सताए जाने देना और उससे अभ्यस्त हो जाना आसान है। और केवल उससे अभ्यस्त होना ही नहीं, बल्कि उसे जीवन की वास्तविकता के रूप में स्वीकार करना और भी सरल है। कितने ही लोग जब कुछ ठीक नहीं हो रहा हो, कहते हैं, "यही जीवन है"।
और मुझे लोगों से हमेशा कहना पड़ता है, यह सही नहीं है, यह जीवन नहीं है।
यह एक तोहफा है, यह एक साकार हुआ सपना है।
जो सच हुआ है।
और जागृत होने की एवं उस सच्चाई को, न कि यातना, पीड़ा एवं कष्ट की सच्चाई को, स्वीकार करने की तीव्र इच्छा। क्योंकि इस सृष्टि की कोमलता से उसका कोई मेल नहीं है। फूल की खुशबू, सूर्योदय के रंग, तारों का झिलमिलाना, चंद्रमा की रोशनी, नील गगन की सुंदरता का
वेदना और पीड़ा से कोई मेल नहीं - ये सब वेदना और पीड़ा के प्रतीक नहीं हैं।
हम कब प्रशंसा को प्रशंसनीय मानने लगेंगे? हम कब इस शक्ति को मानने लगेंगे - उसे मानने के लिए अपने आपको कभी-कभी धीमा करना भी आवश्यक हो सकता है। आपमें एक शक्ति है – केवल एक नहीं, आपमें वह शक्ति है जो हमें मिली हुई सुंदर वस्तुओं की सुंदरता की प्रशंसा करने की क्षमता देती है।
मुझे यह कहते हुए खेद है कि विवेक इसमें नहीं है कि हम पूरी एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका को कंठस्थ कर लें, विवेक इसमें है कि इस जीवन की सरलता को समझें। यह समझ, ज्ञान का यह क्षेत्र, आपको जीवन पर्यंत साथ देगा। इसके बारे में चिंतन सोचें।
इसके अतिरिक्त आप जो कुछ भी जानते हों, वह सब आपके लिए बेकार है। और इस सरलता के बारे में, उस सौंदर्य के बारे में, उस शांती उस विश्वास के बारे में आप जो कुछ भी जानते हैं, वह आपके जीवन के हर दिन, हर क्षण काम आएगा। इतना ही नहीं वह इस जीवन के अंतिम क्षणों तक में काम आएगा।
चूंकि यही सच है। यही वास्तविकता है, यही यथार्थ है। माना हुआ सच नहीं, जो दिन-दिन बदलती है। वह सच नहीं है। वह वास्तविकता नहीं है। इसी पल में, स्वीकार कीजिए कि यही मैं कर सकता हूं - मैं अपने आपको भर सकता हूं, मैं अपने आपको उस पूर्णता से भर सकता हूं।
और यही है, जीवन भर के लक्ष्य को हासिल करना।